देश में होने वाली कुल मौतों में 26 प्रतिशत हृदय रोग से

जौनपुर। विश्व हृदय रोग दिवस (29सितम्बर) पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन श्रीवास्तव ने लोगों को हृदय रोग से बचाव के प्रति जागरूक करते हुए नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और मानसिक तनाव हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
डॉ. मनमोहन श्रीवास्तव (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन) ने बताया कि वह जनपद जौनपुर के प्रथम हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और विगत 53 वर्षों से जनपद में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में होने वाली कुल मौतों में करीब 26 प्रतिशत मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं। वहीं भारत में लगभग 25 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं।
उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित करीब 50 प्रतिशत लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देता। इसके कारण समय रहते बीमारी का पता नहीं चल पाता और उचित उपचार भी नहीं हो पाता। वहीं शेष मरीजों में से भी केवल करीब 50 प्रतिशत लोग ही उपचार के लिए चिकित्सक तक पहुंच पाते हैं। इलाज में देरी होने पर हृदयाघात, लकवा और गुर्दे फेल होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च रक्तचाप के साथ-साथ मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल और खराब दिनचर्या भी हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। देश में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने हृदय रोग से बचाव के लिए नियमित व्यायाम, उचित जीवनशैली, फास्ट फूड से परहेज और कम वसा वाले भोजन को अपनाने की सलाह दी। साथ ही धूम्रपान और शराब से दूरी बनाने तथा मानसिक तनाव कम करने पर जोर दिया। मधुमेह से पीड़ित लोगों को हृदयाघात के खतरे से बचने के लिए शुगर को नियंत्रित रखने की सलाह दी।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि 29 सितंबर, मंगलवार को जहांगीराबाद स्थित हिमानी हॉस्पिटल में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में लोगों के रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की नि:शुल्क जांच की जाएगी। इसके अलावा परामर्श शुल्क और ईसीजी पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से शिविर का लाभ उठाने और समय रहते अपने हृदय स्वास्थ्य की जांच कराने की अपील की।