कन्हईपुर भीटा चाँदमारी पुनः भीटा दर्ज करने वाला मुकदमा रिस्टोर किया sdm सदर ने
नव नियुक्त sdm सदर योगिता सिंह की ईमानदारी की चर्चा चारो तरफ

जौनपुर. शहर की सरकारी जमीनों विशेष कर कन्हई पुर आराजी नंबर 11 भीटा भूमि पर हो रहे कब्जे को रोकने में असफल Sdm सदर संतवीर सिंह को जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने हटा दिया था. इनके हटाए जाने के बाद योगिता सिंह ने sdm सदर का कार्य भार ग्रहण किया. आते ही मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ जी मंशा के अनुरूप सरकारी जमीनों पर कब्जे को हटाना इन्होने अपनी प्राथमिकता बनाया. चर्चित कन्हई पुर आराजी नंबर 11 भीटा भूमि
पर कब्जे को हटाने की पहली कड़ी में नकली दस्तावेज के सहारे भूमाफिया प्रवृत्ति के बीरबल द्वारा राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से चढ़वाये गए बीरबल के नाम को हटा कर खतौनी मे पुनः भीटा दर्ज करने सम्बन्धी मुकदमे को रिस्टोर कर दिया . जिससे भूमाफिया गैंग में खलबली मच गई है. भूमाफिया का सपोर्ट करने वाले भ्रष्ट राजस्व कर्मी सकते में आ गए कि ईमानदार sdm योगिता सिंह अगर कब्जे वाली भीटा भूमि को पुनः भीटा कर देगी तो क्या होगा. एड़ी चोटी का जोर लगा कर ये भ्रष्ट राजस्व कर्मी कोशिश करेंगे कि उक्त सरकारी भूमि भूमाफिया के कब्जे से हट कर सरकार के कब्जे में न जाने पाये. जैसा कि अब तक करते रहे.
बताना आवश्यक है कि उक्त आराजी पर चढ़े भूमाफिया के फर्जी नाम को हटाने के लिए चले मुकदमे में सन 2023 में लेखपाल बनाम बीरबल में तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो, और तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि कन्हई पुर आराजी नंबर 11 भीटा भूमि से बीरबल का नाम निरस्त कर पुनः भीटा दर्ज किया जाय. लेकिन दुर्भाग्यवश प्रशिक्षु आईएएस /sdm सदर नागपाल जी का ट्रांसफर हो गया. नये आये sdm सदर द्वारा अभिलेख में भीटा दर्ज करने को कौन कहे अदम पैरवी में मुक़दमा यह कह कर खारीज कर दिया कि पुकार कराने पर दोनों पक्ष लेखपाल और बीरबल हाजिर नही हुए. इस तरह सरकार यानी sdm के पुकार करने पर सरकार यानी लेखपाल हाजिर नही हुए मुकदमा ख़ारिज कर दिया गया. इस तरह यह करोड़ो रुपये की सरकारी भूमि भूमाफिया प्रवृत्ति के बीरबल के पास ही रहने दी गई. ताकि उस जमीन पर मैरेज हाल शॉपिंग माल आदि बनवा कर खूब धनार्जन कर सके.
लेकिन सरकारी जमीन को सरकार को दिलाने के लिए चिंतित स्थानीय निवासी दीप नारायण यादव ने पुनः इस मुकदमे को रिस्टोर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया ताकि सरकारी भीटा भूमि पर से भूमाफिया का नाम काट कर सरकार अपनी ज़मीन वापस ले ले. लेकिन सरकारी भूमि भूमाफिया के पास ही रहे इस मंशा से तत्कालीन sdm सदर पवन सिंह एवं हटाए गए संतवीर सिंह ने मुकदमे को रिस्टोर नही किये . 2023 से 2026 तक लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक बार सुनवाई की तारीख़ पड़ी लेकिन कोई न कोई कारण बता कर सुनवाई की तारीख के दिन अदालत में कार्य नही किये. जिससे सरकारी भीटा भूमि भूमाफिया प्रवृत्ति के बीरबल यादव के नाम ही बनी रह गई और धनार्जन कराया जाता रहा.
चर्चित sdm संतवीर सिंह को हटाए जाने के बाद भ्रष्ट राजस्व कर्मियों के दबाव में न आकर नव नियुक्त तेज तर्रार एवं ईमानदार sdm सदर योगिता सिंह ने बीरबल का नाम हटा कर भीटा दर्ज करने के लिए लगी रिपोर्ट वाले मुक़दमे को रिस्टोर कर दिया. ताकि भीटा दर्ज कर सरकार की जमीन खाली करायी जा सके. इनके इस कार्य से पूरे जनपद में इनकी ईमानदारी की चर्चा हो रही है.